एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हमले के बाद आतंकवाद-विरोधी अभियान बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है। हमलावर और उसके साथियों को भागने से रोकने के लिए कई स्थानों पर मोबाइल वाहन जांच चौकियां स्थापित की गई हैं।
अनंतनाग और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। पूरे जिले में घेराबंदी और तलाशी अभियान भी तेज कर दिया गया है।
इस बीच, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुरक्षा व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने, खुफिया सूचनाओं के आधार पर आतंकवाद-विरोधी अभियान तेज करने और उभरते सुरक्षा खतरों से प्रभावी तरीके से निपटने के निर्देश दिए।
यह सुरक्षा समीक्षा बैठक अनंतनाग के लाल चौक इलाके में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर हत्या किए जाने के एक दिन बाद हुई।
बैठक में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें नॉर्दर्न कमान के लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, मुख्य सचिव अटल डुल्लू और पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात भी मौजूद रहे।
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