महोत्सव में राखी पर्व का विशेष आयोजन होगा। केले के तने के रेशों से हाथ से तैयार की गई राखियों का वैदिक विधि-विधान से पूजन किया जाएगा। इस बार ओडिशा के कारीगरों की बनाई धान की बालियों वाली राखियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
कार्यक्रम में मां सरयू को 101 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की जाएगी। इसके साथ दुग्धाभिषेक कर मां सरयू का महाअभिषेक किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, इस धार्मिक आयोजन से जुड़ी विशेष मान्यता है कि मां सरयू के अभिषेक से अखंड सौभाग्य की कामना की जाती है।
महोत्सव के दौरान 2100 स्वयंसेवक और रामभक्त एक साथ सुंदरकांड का पाठ करेंगे। इसके साथ हनुमान चालीसा का सामूहिक गायन होगा। काशी से आए 51 वेदपाठी बटुक ब्राह्मण वैदिक मंत्रों का पाठ करेंगे।
मां शांता देवी मंदिर परिसर को हजारों किलो फूलों से सजाया गया है। आयोजन समिति के अनुसार, श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान, गोसाईगंज विधायक अभय सिंह, अयोध्या के पूर्व सांसद लल्लू सिंह समेत संत-महंत और अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे।
श्रीराम राखी पर्व के संस्थापक सीताराम दास महाराज ने कहा कि श्रृंगी ऋषि की यह भूमि प्रभु श्रीराम के जीवन से जुड़ी है। बहन शांता द्वारा भाई राम को राखी बांधने की परंपरा भाई-बहन के अटूट प्रेम और पारिवारिक संस्कारों का संदेश देती है।
संरक्षक उदयभान गुप्ता ने बताया कि इस बार केले के तने और धान से बनी राखियां विशेष आकर्षण रहेंगी। 101 मीटर चुनरी से मां सरयू का अभिषेक और 51 बटुक ब्राह्मणों के मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र भक्तिमय होगा।
अध्यक्ष सुभाष सिंह ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य श्रीराम और मां शांता के पवित्र भाई-बहन के प्रेम का संदेश देश-दुनिया तक पहुंचाना है। उन्होंने श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में पहुंचकर महोत्सव में शामिल होने की अपील की।
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