चित्रकूट बाढ़ पर CM योगी का बड़ा बयान, बोले- 2017 से पहले राहत के नाम पर मिलता था सूखा ब्रेड
(UTTARPRADESH, UTTARPRADESH) मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित चित्रकूट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने रामघाट सहित आसपास के प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया और 800 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। बाढ़ में आश्रयहीन हुए परिवारों को आवास के लिए भूमि आवंटन प्रमाणपत्र और आपदा मोचक निधि से राहत राशि भी दी गई। मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनका हाल जाना और बच्चों को चॉकलेट देकर उनसे संवाद किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले बाढ़ आने पर तत्कालीन सरकार इसका संज्ञान तक नहीं लेती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बहुत अधिक हो-हल्ला होने पर प्रभावित लोगों को केवल सूखे ब्रेड दे दिए जाते थे, जबकि राहत के लिए आने वाला पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जहां बाढ़ प्रभावितों को एक किलो राहत सामग्री भी नहीं मिलती थी, वहीं अब जरूरतमंद परिवारों को करीब 50 किलो राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम को जब वनवास हुआ था, तब चित्रकूट ने उन्हें आश्रय दिया था। अब चित्रकूटवासी संकट में हैं तो प्रभु के भक्त होने के नाते वह उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने गरीबों, किसानों, नौजवानों, महिलाओं, व्यापारियों और साधु-संतों को आश्वस्त किया कि बाढ़ से जिसका भी नुकसान हुआ है, सरकार उसे हर संभव मदद उपलब्ध कराएगी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम ने लगभग 12 वर्ष जिस धरा पर रहकर ऋषि-मुनियों के सानिध्य में राम राज्य की परिकल्पना को साकार किया था, वह भूमि आज भी आस्था और साधना का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवार खुद को अकेला न समझें। डबल इंजन की सरकार और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता उनके साथ खड़े हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस दिन चित्रकूट में अचानक बाढ़ आई, उस समय वह बलिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर थे। सूचना मिलते ही उन्होंने लखनऊ से डीजी पीएसी को निर्देश देकर एसडीआरएफ और पीएसी की अतिरिक्त फ्लड कंट्रोल कंपनियों को चित्रकूट रवाना कराया। उस समय जिले में एसडीआरएफ की केवल एक कंपनी तैनात थी, लेकिन अगले दो से तीन घंटे में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पीएसी की फ्लड यूनिट की कुल आठ कंपनियां राहत और बचाव कार्य में जुट गईं। उसी दिन शाम को जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर राहत कार्यों की समीक्षा भी की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि घरों में फंसे सभी लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि पहली बार मंदाकिनी नदी में इतने बड़े पैमाने पर जलस्तर बढ़ा है। गत वर्ष क्षेत्र में करीब 360 मिलीमीटर वर्षा हुई थी, जबकि इस बार यह स्तर लगभग दोगुना पहुंच गया। मध्य प्रदेश की ओर जाने वाला भारी वाहनों का पक्का पुल भी बह गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मजबूत पुल तक बह सकता है तो सामान्य घरों की स्थिति का अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आपदा की विकरालता को देखते हुए प्रशासन के साथ विस्तृत बैठक कर आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नदी के कैचमेंट क्षेत्र में अनियोजित निर्माण ऐसी आपदाओं का बड़ा कारण बन सकता है। नदी जब अपने स्वाभाविक स्वरूप में बहती है तो उसके दायरे में आने वाले अतिक्रमण और निर्माण बह सकते हैं। इसलिए कैचमेंट क्षेत्र में ऐसे निर्माण से बचना होगा और नदी के स्वाभाविक प्रवाह के लिए पर्याप्त मार्ग सुनिश्चित करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी भीषण बाढ़ के बावजूद प्रभु श्रीराम, कामदनाथ, हनुमान और चित्रकूट के ऋषि-मुनियों की तपस्थली की कृपा से कोई जनहानि नहीं हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य परिवारों, व्यापारियों, मठ-मंदिरों और घाटों को बाढ़ से जो भी नुकसान हुआ है, उसमें सरकार की ओर से सहयोग की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ या अग्निकांड में किसी गरीब अथवा अन्य व्यक्ति का पूरा घर नष्ट होने पर पात्रता के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नया आवास उपलब्ध कराया जाए। यदि कोई परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र नहीं है तो मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नया आवास और जमीन का पट्टा तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। जलजमाव या अत्यधिक पानी के कारण घिरे लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया जाए। राहत शिविरों में भोजन, सुरक्षा और चिकित्सा समेत सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 में बाढ़ राहत कार्यों के निरीक्षण का प्रसंग साझा करते हुए कहा कि उस समय जब उन्होंने अधिकारियों से पूछा था कि पीड़ित परिवारों को क्या सहायता दी जा रही है तो जवाब में सूखा ब्रेड बताया गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी को 10 दिन तक केवल सूखा ब्रेड दिया जाए तो क्या वह रह पाएगा। यदि अधिकारी नहीं रह सकता तो जनता क्यों रहेगी। इसके बाद उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए पूरी राहत सामग्री की किट तैयार करने के निर्देश दिए थे।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राहत सामग्री में 26 तरह के सामान शामिल हैं, जिनका कुल वजन लगभग 50 किलो है। इसमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, 2 किलो अरहर की दाल, 1 लीटर रिफाइंड या सरसों का तेल, चना, लाई, मिर्च, मसाला, धनिया और हल्दी समेत अन्य जरूरी सामग्री शामिल है। खाद्य सामग्री के साथ प्रभावित परिवारों को डिग्निटी किट भी दी जाती है। बाल्टी, मग, ढक्कनयुक्त बाल्टी और बरसाती जैसी आवश्यक वस्तुएं भी राहत सामग्री में शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आपदा राहत के लिए मिलने वाली धनराशि प्रत्येक पीड़ित परिवार तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचती है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि बाढ़ के दौरान सांप, बिच्छू और जंगली जानवरों के बाहर निकलने की स्थिति को देखते हुए सभी स्वास्थ्य केंद्रों और जिला चिकित्सालयों में आवश्यक दवाओं और वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सांप के काटने पर एंटी-स्नेक वेनम और कुत्ते या जंगली जानवर के काटने पर एंटी-रेबीज वैक्सीन तत्काल और नि:शुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि डूबने, आकाशीय बिजली गिरने या मनुष्य और वन्यजीव संघर्ष में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर संबंधित परिवार को आपदा राहत के तहत 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार चित्रकूट आने पर उन्होंने करीब 1,000 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का उपहार दिया था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि डबल इंजन की सरकार चित्रकूट को इस संकट से उबारने में पूरी मदद करेगी। बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। टूट चुकी सड़कों, क्षतिग्रस्त घाटों तथा बिजली के तार और खंभों को दोबारा बनाने के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों से कहा कि सरकार उनके साथ है और हर संभव सहयोग के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।

कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, नगरपालिका परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, बीजेपी जिला अध्यक्ष महेंद्र कोटारे और पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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