हमले में दोनों मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें दीपक रात्रे ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे घायल बोपिंदर को पहले जीएमसी अनंतनाग और बाद में श्रीनगर के एसकेआईएमएस सौरा रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
अधिकारियों के अनुसार, दोनों मजदूरों की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच थी और वे छत्तीसगढ़ के निवासी थे। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब करीब 10 दिन पहले अनंतनाग में आतंकवादियों ने एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इससे पहले फरवरी 2024 में श्रीनगर के शहीद गंज इलाके में भी दो प्रवासी मजदूरों की आतंकवादी हमले में जान चली गई थी।
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