नोएडा की रोबोटिक्स कंपनी ऐडवर्ब का बढ़ता दबदबा, 25+ देशों में 350 से ज्यादा ग्राहकों को सेवाएं
(UTTARPRADESH, UTTARPRADESH) उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित रोबोटिक्स कंपनी ऐडवर्ब तेजी से वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। कंपनी भारत की प्रमुख रोबोटिक्स और वेयरहाउस ऑटोमेशन सॉल्यूशन कंपनियों में शामिल हो चुकी है और अमेरिका, यूरोप, सिंगापुर तथा ऑस्ट्रेलिया में अपनी सब्सिडियरी कंपनियों के जरिए 25 से ज्यादा देशों में 350 से अधिक ग्राहकों को सेवाएं दे रही है।

ऐडवर्ब की शुरुआत साल 2016 में एशियन पेंट्स के चार पूर्व अधिकारियों ने की थी। आज कंपनी का कारोबार भारत और विदेशी बाजारों के बीच लगभग बराबर बंटा हुआ है। इसके ऑटोमेशन सॉल्यूशन रिटेल, मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

वेयरहाउस ऑटोमेशन से आगे बढ़ रही कंपनी

ऐडवर्ब का फोकस अब सिर्फ वेयरहाउस ऑटोमेशन तक सीमित नहीं है। कंपनी के पोर्टफोलियो में मोबाइल रोबोट, सॉर्टिंग रोबोट, ऑटोमेटेड स्टोरेज एंड रिट्रीवल सिस्टम और पिकिंग सिस्टम जैसे आधुनिक समाधान शामिल हैं।

कंपनी ने नेक्स्ट-जेनरेशन रोबोटिक्स के क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार किया है। इसमें ऐसे कोलेबोरेटिव रोबोट शामिल हैं, जो इंसानों के साथ सुरक्षित तरीके से काम करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। इसके अलावा कंपनी क्वाड्रुपेड्स और ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स पर भी काम कर रही है।

फिजिकल AI को बताया अगला चरण

ऐडवर्ब के संगीत कुमार के मुताबिक रोबोटिक्स और फिजिकल AI का विकास इस तकनीक की अगली बड़ी दिशा है। जैसे-जैसे रोबोट की क्षमताएं बढ़ रही हैं, इंसानों और रोबोट के साथ मिलकर काम करने का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है।

उनका मानना है कि अगले दो दशकों में फिजिकल AI कई उद्योगों का स्वरूप बदल सकता है, लेकिन निर्णय लेने और नियंत्रण की प्रमुख भूमिका इंसानों के हाथों में ही रहेगी।

रोबोट इंसानों पर हावी होंगे?

संगीत कुमार ने रोबोट के इंसानों की जगह लेने या उन पर हावी होने वाली साइंस-फिक्शन की आशंकाओं को खारिज किया। उनका कहना है कि भविष्य में भी इंसान ही निर्णय लेने की प्रक्रिया में प्रमुख भूमिका निभाएंगे।

हालांकि, रोबोटिक्स के तेजी से विकास के साथ नियमों और नियामक व्यवस्था में भी बदलाव की जरूरत होगी, ताकि नई तकनीक का सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा सके।

ग्लोबल टॉप-5 में शामिल होने का लक्ष्य

ऐडवर्ब ने अगले दशक में दुनिया की टॉप-5 रोबोटिक्स कंपनियों में शामिल होने का लक्ष्य रखा है। संगीत कुमार का मानना है कि भारतीय कंपनी अपनी तकनीक और इनोवेशन के दम पर वैश्विक रोबोटिक्स दिग्गजों को चुनौती दे सकती है।

नोएडा से शुरू हुई यह कंपनी अब भारत के रोबोटिक्स और ऑटोमेशन सेक्टर की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को नई दिशा देने की कोशिश कर रही है।

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।