बिजनौर में तेज बहाव के कारण हाईवे की अप्रोच रोड बह गई, जिससे सड़क पर करीब 12 फीट गहरा गड्ढा हो गया। फर्रुखाबाद में चित्रकूट डिप के पास बैरिकेडिंग कर हाईवे बंद करना पड़ा, जबकि कई इलाकों में सड़कों पर नाव चलानी पड़ रही है। लखीमपुर-खीरी में शारदा नदी के कटाव से एक स्कूल का आधा हिस्सा नदी में समा गया।
बुधवार को वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और नोएडा समेत 15 शहरों में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि लखनऊ, बाराबंकी सहित 30 शहरों में बादल छाए रहे। कानपुर देहात के एक सरकारी अस्पताल में पानी भर जाने से मरीजों और तीमारदारों को पानी के बीच से होकर ओपीडी तक पहुंचना पड़ा।
प्रयागराज में ऐतिहासिक खुसरोबाग की एक दीवार बारिश के कारण ढह गई। वहीं, एक बड़ा पेड़ डीसीएम पर गिरने से चालक घायल हो गया।
मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 65 शहरों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, मानसूनी सिस्टम उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय हो गया है और अगले 4 से 5 दिनों तक पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
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