20 जून से 13 सितंबर 2026 तक नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्रों में संचालित ई-बसों ने कुल 15.12 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की। इस दौरान 7.18 लाख से ज्यादा यात्रियों ने ई-बस सेवा का लाभ उठाया और 2.24 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ।
20 से 30 जून के 11 दिनों में 100 ई-बसों ने 1.47 लाख किलोमीटर का परिचालन कर 28,053 यात्रियों को सेवा दी और 9.07 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया। जुलाई में परिचालन बढ़कर 4.79 लाख किलोमीटर और यात्री संख्या 1.50 लाख पहुंच गई, जबकि राजस्व 47.93 लाख रुपये रहा। अगस्त में बसों ने 5.89 लाख किलोमीटर की दूरी तय की और 3.40 लाख यात्रियों को सेवा दी। इस दौरान 1.05 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। सितंबर के पहले 13 दिनों में ही 2.96 लाख किलोमीटर परिचालन, 1.99 लाख से अधिक यात्रियों और 61.75 लाख रुपये से अधिक राजस्व का आंकड़ा दर्ज किया गया।
अगस्त में प्रति बस प्रतिदिन औसत परिचालन 190.21 किलोमीटर था, जो सितंबर में बढ़कर 227.78 किलोमीटर हो गया। इसी तरह प्रति बस प्रतिदिन यात्रियों की संख्या 109.79 से बढ़कर 153.68 और आय 3,414.86 रुपये से बढ़कर 4,750.20 रुपये हो गई। आय प्रति किलोमीटर भी 17.95 रुपये से बढ़कर 20.85 रुपये दर्ज की गई।
सितंबर के प्रथम 13 दिनों में नोएडा प्राधिकरण की 50 बसों ने 1.50 लाख किलोमीटर का परिचालन कर 1.04 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा दी और 31.45 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया। प्रति बस प्रतिदिन परिचालन 231.17 किलोमीटर, यात्री संख्या 160.14 और आय 4,839.17 रुपये रही। आय प्रति किलोमीटर 20.93 रुपये दर्ज हुई।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 25 बसों ने इस अवधि में 77,110 किलोमीटर की दूरी तय कर 53,194 यात्रियों को सेवा दी। इससे 16.17 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। प्रति बस प्रतिदिन परिचालन 237.26 किलोमीटर, यात्री संख्या 163.67 और आय 4,978.15 रुपये रही। तीनों प्राधिकरणों में ग्रेटर नोएडा ने प्रति बस प्रतिदिन परिचालन, यात्री संख्या, आय प्रति किलोमीटर और आय प्रति बस प्रतिदिन के आधार पर बेहतर प्रदर्शन किया।
यमुना प्राधिकरण की 25 बसों ने सितंबर के पहले 13 दिनों में 68,749 किलोमीटर का परिचालन किया और 42,497 यात्रियों को सेवा दी। इस दौरान 14.11 लाख रुपये का राजस्व अर्जित हुआ। प्रति बस प्रतिदिन परिचालन 211.54 किलोमीटर, यात्री संख्या 130.76 और आय 4,344.32 रुपये रही। आय प्रति किलोमीटर 20.54 रुपये दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जून 2026 में नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का उद्घाटन कर ई-बसों को हरी झंडी दिखाई थी। इसका उद्देश्य एनसीआर में स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को ग्रीन मोबिलिटी से जोड़ना और जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।
नोएडा में तीनों प्राधिकरणों से जुड़ी इलेक्ट्रिक बसों के लिए कमांड सेंटर बनाने की भी तैयारी चल रही है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। प्रस्तावित 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम से ई-बसों की लाइव निगरानी की जाएगी। इससे बसों के संचालन, रूट और सेवाओं पर लगातार नजर रखने के साथ यात्रियों को बेहतर और व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।