निरीक्षण के दौरान रणवीर प्रसाद ने एसएलडीसी की कार्यप्रणाली, रियल टाइम ग्रिड मॉनिटरिंग, स्काडा सिस्टम और लोड प्रबंधन की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पूरी विद्युत व्यवस्था में एसएलडीसी की भूमिका महत्वपूर्ण है। एसएलडीसी प्रदेश के विद्युत भार का रियल टाइम आकलन और पूर्वानुमान करता है तथा उत्पादन केंद्रों से प्राप्त बिजली और वितरण निगमों की मांग के बीच संतुलन बनाए रखने में भूमिका निभाता है।
उन्होंने ग्रिड की फ्रीक्वेंसी स्थिर रखने और बिजली लाइनों को ओवरलोड होने से बचाने पर जोर दिया। साथ ही ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन की स्थिति में त्वरित रिस्टोरेशन तथा वैकल्पिक स्रोतों से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नवीकरणीय ऊर्जा, खासकर सोलर और विंड पावर के एकीकरण तथा एबीटी मीटरिंग के प्रबंधन पर भी ध्यान देने को कहा गया।
प्रमुख सचिव ऊर्जा ने कहा कि आने वाला एक महीना गर्मी और अधिक बिजली मांग के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहेगा। ऐसे में पूरी सावधानी के साथ लोड डिस्पैच किया जाए, ताकि अनावश्यक ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग की स्थिति न बने और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
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