यूपी में बाढ़ से हालात बिगड़े, हिमाचल में लैंडस्लाइड
(UTTARPRADESH, UTTARPRADESH) देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक तेज बारिश, जलभराव और बाढ़ की स्थिति देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश, बिहार और हिमाचल प्रदेश में बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। कई इलाकों में सड़क और रेल यातायात भी बाधित हुआ है।

उत्तर प्रदेश के 16 जिलों में 80 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। उन्नाव में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। कई घरों में पानी घुसने के बाद लोगों को छतों पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कुछ कॉलोनियों में पानी इतना बढ़ गया कि लोगों की आवाजाही के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।

कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और यह खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। प्रशासन की ओर से नदी के आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।

वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों के आसपास पानी भर गया है। घाट किनारे बने 100 से ज्यादा छोटे मंदिर जलमग्न हो गए हैं। नदी का पानी बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।

बिहार के कई जिलों में 13 अगस्त की शाम हुई बारिश ने उमस भरी गर्मी से राहत दी, लेकिन कुछ शहरों में भारी जलभराव की स्थिति बन गई।

पटना में अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, छपरा में करीब 45 मिनट हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में डेढ़ से ढाई फीट तक पानी भर गया।बारिश का असर बाजारों पर भी पड़ा। करीब 100 दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने राज्य के 18 जिलों में आज आंधी और बारिश की संभावना जताई है।

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के साथ लैंडस्लाइड ने सड़क और रेल यातायात को प्रभावित किया है। कांगड़ा जिले में पठानकोट-बैजनाथ पपरोला रेल सेक्शन पर रेलवे ट्रैक पर चट्टानें गिरने के बाद 4 ट्रेन सेवाओं को अगले आदेश तक रद्द कर दिया गया है।रेलवे और प्रशासन की टीमें ट्रैक से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने में जुटी हैं। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

सोलन के वकनाघाट इलाके में चंडीगढ़-शिमला हाईवे पर भारी बारिश के बाद घना कोहरा छा गया। विजिबिलिटी कम होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम के लगातार बदलते मिजाज को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून की सक्रियता के चलते बारिश का दौर जारी है। मैदानी इलाकों में बाढ़ और जलभराव, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड और सड़क-रेल मार्ग बाधित होने की घटनाएं सामने आ रही हैं।ऐसे में आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। स्थानीय प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की जा रही है।

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