झारखंड में 24 दिनों से जारी छात्र आंदोलन सोमवार रात समाप्त हो गया। रांची के सदर अस्पताल में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी भूख हड़ताल भी खत्म कर दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा छात्रों की प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने के बाद आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त करने का फैसला लिया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC-CGL) और टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) से जुड़ी परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं, घोषित परिणामों और एजेंसी के माध्यम से किए गए चयन व भर्तियों को रद्द करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि TDPL से जुड़ी सभी गतिविधियों को भी समाप्त किया जा रहा है।
वहीं, झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने फैसले को छात्रों के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की गहन जांच की जाएगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि परीक्षा में हेराफेरी का मामला केवल झारखंड तक सीमित नहीं है और देश के अन्य राज्यों में भी इस तरह की अनियमितताओं की जांच और सख्त कार्रवाई की जरूरत है।
सरकार की ओर से मांगें माने जाने के बाद आंदोलनकारी छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। छात्रों ने जश्न मनाते हुए 24 दिनों से जारी अपने आंदोलन को समाप्त कर दिया।
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