सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह पता लगाया जाएगा कि किसी पायलट ने प्रतिबंधित दवाओं या नशीले पदार्थों का इस्तेमाल तो नहीं किया है।यह फैसला पिछले सप्ताह फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के एक पायलट का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद लिया गया है। दरअसल, भुवनेश्वर के पास से गुजरते समय विमान में अचानक टर्बुलेंस जैसी स्थिति बनी थी और विमान करीब 300 फीट नीचे आ गया था। इस घटना में यात्रियों और क्रू सदस्यों को चोटें आई थीं। विमान में 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे।
यात्रियों की सुरक्षा और भरोसा बनाए रखना प्राथमिकता
दोनों एयरलाइंस ने पायलटों को भेजे संदेश में कहा है कि मौजूदा नियमों के तहत प्रतिबंधित सभी नशीले पदार्थों और दवाओं की जांच की जाएगी।सूत्रों के अनुसार, पायलटों का टेस्ट गुरुग्राम स्थित अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान किया जाएगा। इसके अलावा फ्लाइट के बाद ब्रीफिंग सेंटर, एयरलाइंस के कार्यालयों और संबंधित बेस पर भी जांच की जाएगी।
एयरलाइंस का कहना है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनका भरोसा बनाए रखने के लिए उठाया गया है। साथ ही, इससे उड़ान संचालन में सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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