रेस्क्यू अधिकारियों के मुताबिक, नर्सरी में लगे एयर कंडीशनर के कंप्रेसर में विस्फोट के बाद आग भड़की। देखते ही देखते आग ने वार्ड के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आग पर अब काबू पा लिया गया है।
हादसे के कारणों की जांच के लिए जिला प्रशासन ने अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित करने का फैसला किया है। कमेटी आग लगने की परिस्थितियों और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी।
फिलहाल AC कंप्रेसर में विस्फोट को आग लगने की शुरुआती वजह बताया जा रहा है, लेकिन हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि आग लगने के बाद नर्सरी में मौजूद नवजातों को समय पर बाहर निकालने में क्या बाधाएं आईं।
PIMS इस्लामाबाद पाकिस्तान की राजधानी का प्रमुख और सबसे बड़ा अस्पताल है। करीब 140 एकड़ में फैले इस चिकित्सा संस्थान में लगभग 1,300 बेड हैं। यहां विभिन्न प्रकार की बीमारियों के इलाज की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
अस्पताल परिसर में कई प्रमुख चिकित्सा केंद्र संचालित होते हैं। इनमें इस्लामाबाद अस्पताल, चिल्ड्रन्स अस्पताल, मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर, बर्न केयर सेंटर और कार्डियक सेंटर शामिल हैं।चिल्ड्रन्स अस्पताल में नवजात बच्चों के इलाज के साथ NICU की सुविधा भी उपलब्ध है। वहीं मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था है।
नर्सरी में हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद अस्पताल की फायर सेफ्टी व्यवस्था और नवजात बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।नवजात बच्चों को आग जैसी आपात स्थिति में तेजी से सुरक्षित स्थान पर ले जाना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में जांच कमेटी की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि आग लगने के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल का किस तरह पालन किया गया और क्या अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था पर्याप्त थी।
फिलहाल प्रशासन की जांच के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर सामने आएगी और यह पता चलेगा कि आग की वजह क्या थी तथा इसके लिए कौन-सी परिस्थितियां जिम्मेदार रहीं।
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