मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आईटीआई और उद्योगों के बीच लगातार संवाद की व्यवस्था बनाई जाए। उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण विकसित करने के साथ अप्रेंटिसशिप और ऑन-जॉब ट्रेनिंग को बढ़ावा दिया जाए।उन्होंने प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर नियमित रोजगार मेलों का आयोजन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को कंपनियों से सीधे जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्वेंशन, इन्क्यूबेशन एंड ट्रेनिंग यानी CIIIT केंद्रों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गोरखपुर, मुजफ्फरनगर और बरेली में केंद्रों का संचालन जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए..बैठक में बताया गया कि टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 150 राजकीय आईटीआई के उन्नयन का काम चल रहा है। इसके अलावा 62 अन्य आईटीआई के उन्नयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। उद्योगों के सहयोग से 37 राजकीय आईटीआई में एडवांस स्किल लैब स्थापित की जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता के लिए पर्याप्त अनुदेशकों की उपलब्धता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अनुदेशकों की चयन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।उन्होंने यह भी कहा कि चयनित अनुदेशकों को नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया में उनके अनुभव और कार्य के आधार पर वेटेज देने का प्रावधान किया जाए।बैठक में बताया गया कि 2,406 अनुदेशक पदों पर चयन किया जा चुका है और 2,200 से अधिक चयनित अनुदेशक अपना कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को वैश्विक रोजगार के लिए तैयार करने के लिए भाषा प्रशिक्षण को मजबूत करने के निर्देश दिए।प्रशिक्षणार्थियों के लिए कार्यस्थल पर हिंदी की आधिकारिक शब्दावली और उसके प्रयोग से संबंधित प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। वहीं प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है।जापान और जर्मनी जैसे देशों में कुशल कामगारों की मांग को देखते हुए विदेशी भाषाओं का डिजिटल प्रशिक्षण शुरू करने के लिए कंपनियों के चयन की प्रक्रिया भी चल रही है।
मुख्यमंत्री ने जीरो पॉवर्टी अभियान से जुड़े परिवारों के बच्चों और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
अधिकारियों के मुताबिक, इन परिवारों के 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के 9.52 लाख युवाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है। इनमें 1.44 लाख पात्र युवाओं की पहचान हुई है और 8,746 युवाओं का प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण हो चुका है।बैठक में बताया गया कि पिछले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से 21.13 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें से 12.94 लाख युवाओं को सेवायोजन मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास की सफलता का आकलन केवल प्रशिक्षित युवाओं की संख्या से नहीं, बल्कि उन्हें मिले रोजगार और स्वरोजगार के परिणामों से किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि आधुनिक कौशल, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और वैश्विक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी स्किल हब बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जाए।
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