राष्ट्रपति मुर्मू ने छात्रों से कहा- शिक्षा का उपयोग समाज और देश के हित में करें
(India) 23 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय, बड़ौदा के 75वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी शिक्षा का इस्तेमाल सिर्फ अपने और अपने परिवार के लिए करने से आगे बढ़कर सोचना चाहिए। उन्हें यह विचार करना चाहिए कि वे समाज के बड़े हित में कैसे योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि छात्रों को अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा। धन महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन धन ही सब कुछ नहीं हो सकता। सच्ची संतुष्टि दूसरों की सेवा करने में ही मिलती है। व्यक्ति समाज और देश के लिए कितना योगदान देता है, इसी बात से उसकी वास्तविक उपलब्धि जुड़ी होती है।

सेवा, जिम्मेदारी और सामाजिक सरोकार के महत्व पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और ज्ञान का इस्तेमाल केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए ही नहीं, बल्कि देश और समाज के हित में भी करना चाहिए।

राष्ट्रपति मुर्मू ने आगे कहा कि शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व को विकसित करने का माध्यम है। छात्रों को अपने ज्ञान का उपयोग समाज की समस्याओं को समझने और उनके समाधान में योगदान देने के साथ-साथ जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

राष्ट्रपति मुर्मू ने देश के लेखकों और कलाकारों से कहा कि वे अपनी कला और रचनाओं के माध्यम से संवेदनशीलता को समृद्ध करें। वहीं, उन्होंने वैज्ञानिकों से मानवता के हित में समस्याओं के समाधान पर काम करने का आह्वान किया।

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