डिजिटल शिक्षा को घर-घर पहुंचा रही योगी सरकार, पीएम ई-विद्या पर एक मंच में मिलेंगे पढ़ाई के जरूरी संसाधन
(Lucknow, Lucknow) उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार डिजिटल संसाधनों की पहुंच लगातार बढ़ा रही है। सरकार का प्रयास है कि तकनीक विद्यार्थियों के लिए केवल एक वैकल्पिक माध्यम न रहकर पढ़ाई और सीखने की प्रक्रिया का प्रभावी हिस्सा बने। इसी उद्देश्य से पीएम ई-विद्या डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए विद्यार्थियों और शिक्षकों को पढ़ाई से संबंधित जरूरी संसाधन एक ही मंच पर निशुल्क उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान के अनुसार, पीएम ई-विद्या के माध्यम से डिजिटल लर्निंग को व्यापक स्तर पर विद्यार्थियों तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि एक ही मंच पर शैक्षिक सामग्री उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधनों तक पहुंच बनाने में आसानी होगी और सीखने के अवसर भी बढ़ेंगे।

उन्होंने बताया कि पीएम ई-विद्या से जुड़े संसाधनों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से भी साझा की जा रही है, ताकि विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक इस डिजिटल मंच के बारे में जानकारी हासिल कर सकें और इसका उपयोग कर सकें।

पीएम ई-विद्या को डिजिटल शिक्षा के ऐसे मंच के तौर पर विकसित किया गया है, जहां विद्यार्थियों को पढ़ाई से संबंधित आवश्यक डिजिटल संसाधन एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें। इससे छात्रों को अलग-अलग माध्यमों पर शैक्षिक सामग्री तलाशने की जरूरत कम होगी और डिजिटल अध्ययन अधिक व्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।

शिक्षक भी उपलब्ध डिजिटल सामग्री का इस्तेमाल कक्षा शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए कर सकते हैं। इस तरह डिजिटल संसाधन विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी शिक्षण प्रक्रिया के सहयोगी माध्यम के रूप में काम कर सकते हैं।

पीएम ई-विद्या की प्रमुख विशेषताओं में डिजिटल शैक्षिक संसाधनों की निशुल्क उपलब्धता शामिल है। विद्यार्थी अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार डिजिटल माध्यम से अध्ययन कर सकते हैं। इससे उन छात्रों के लिए भी सीखने के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध होते हैं, जो डिजिटल संसाधनों का उपयोग अपने अध्ययन को बेहतर बनाने के लिए करना चाहते हैं।

सरकार का जोर डिजिटल शिक्षा को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने पर है, ताकि तकनीक आधारित शैक्षिक संसाधनों का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों तक पहुंचाया जा सके।

पीएम ई-विद्या ऐप Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। Android यूजर्स इसे Google Play Store और iOS यूजर्स Apple App Store के जरिए डाउनलोड कर सकते हैं। दोनों प्रमुख मोबाइल प्लेटफॉर्म पर उपलब्धता से अलग-अलग डिजिटल डिवाइस इस्तेमाल करने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए इस मंच तक पहुंच आसान होती है।

योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा नीति में तकनीक को पढ़ाई की प्रक्रिया का प्रभावी सहयोगी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में एससीईआरटी और विभागीय स्तर पर उपलब्ध डिजिटल संसाधनों का विद्यालयों में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि सरकार प्रदेश के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल संसाधनों के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। उनके मुताबिक, पीएम ई-विद्या जैसे प्लेटफॉर्म एक ही स्थान पर जरूरी शैक्षिक संसाधन उपलब्ध कराकर विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया को आसान और प्रभावी बनाने में मदद करते हैं।

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने कहा कि डिजिटल संसाधनों की आसान और निशुल्क उपलब्धता विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए सीखने-सिखाने के नए अवसर तैयार करती है। उन्होंने कहा कि पीएम ई-विद्या के जरिए एक ही मंच पर शैक्षिक संसाधनों की उपलब्धता से डिजिटल लर्निंग को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। एससीईआरटी और विभागीय स्तर पर इन संसाधनों का विद्यालयी शिक्षण में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

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