रिपोर्ट के अनुसार, अलकायदा और इस्लामिक स्टेट (ISIL/दाएश) लंबे समय से ऐसे जहरीले रासायनिक और जैविक हथियार विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही मचाई जा सके। हालांकि, ऐसे हथियार बनाना बेहद जटिल प्रक्रिया होने के कारण वे अभी तक इसमें पूरी तरह सफल नहीं हुए हैं। इसके बावजूद, इन संगठनों के ऑनलाइन नेटवर्क पर लगातार जहरीले पदार्थ बनाने के तरीके साझा किए जा रहे हैं
फरवरी में खुलासा: ISIL की अंग्रेजी पत्रिका 'इनवेड' में बोटुलिनम टॉक्सिन और साइनाइड जैसे जहरीले पदार्थ तैयार करने के निर्देश छापे गए थे।
राइसिन का खतरा: पिछले 12 महीनों के दौरान ISIL-K ने अपने नेटवर्क में 'राइसिन' नामक अत्यंत घातक विष को तैयार करने से जुड़ी जानकारी भी साझा की है।
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