कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से अपनी पहचान बदल रहा है। उनके मुताबिक, जिस राज्य की चर्चा पहले खराब कानून-व्यवस्था, दंगों और खराब सड़कों के संदर्भ में होती थी, वही आज देश के प्रमुख स्टार्टअप केंद्रों में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
योगी ने कहा कि प्रदेश का युवा अब सिर्फ नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वाला बन रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की करीब 25 करोड़ की आबादी को चुनौती के बजाय राज्य की बड़ी ताकत बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास देश की सबसे बड़ी युवा आबादी में से एक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं और इनमें करीब आधे स्टार्टअप महिलाओं के नेतृत्व में हैं।
योगी ने कहा कि सरकार युवाओं की क्षमता को कारोबार, तकनीक और इनोवेशन से जोड़ने के लिए लगातार नीतिगत स्तर पर काम कर रही है। नई स्टार्टअप नीति में युवाओं के लिए प्रोत्साहन और सुविधाओं को बढ़ाने का भी प्रावधान किया गया है।
योगी आदित्यनाथ ने विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों से शिक्षा को केवल किताबों और निर्धारित पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में रिसर्च और इनोवेशन का वातावरण तैयार किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार ने विश्वविद्यालयों के रिसर्च फंड में भी बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों और नए विचारों को बढ़ावा देने से युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा होंगे।
योगी ने बताया कि सरकार ने 2019 में सिडबी के साथ मिलकर स्टार्टअप फंड की शुरुआत की थी। अब नई स्टार्टअप नीति के जरिए इस इकोसिस्टम को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
9 साल में अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना होने का दावा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश की अर्थव्यवस्था में हुए बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की गिनती देश के पिछड़े यानी ‘बीमारू’ राज्यों में होती थी, लेकिन अब प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
योगी ने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तीन गुना हुई है। इसी अवधि में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में भी तीन गुना बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने बड़े उद्योगों की संख्या में वृद्धि का जिक्र करते हुए कहा कि पहले प्रदेश में करीब 12 हजार बड़े उद्योग थे, जबकि अब इनकी संख्या तीन गुना से ज्यादा हो चुकी है।
SGPGI में बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
मुख्यमंत्री ने बताया कि SGPGI की ओर से एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया है और सरकार ने इसमें सहयोग का भरोसा दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन और रोबोटिक टेक्नोलॉजी जैसी उभरती तकनीकों पर भी काम हो रहा है। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश में फिलहाल 12 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संचालित किए जा रहे हैं।
योगी ने बताया कि देश के कुल स्टार्टअप्स में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी फिलहाल करीब 10 प्रतिशत है। सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करना है।
उन्होंने कहा कि तकनीक, इनोवेशन और उद्योग के जरिए उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया उत्तर प्रदेश है और विकास की दिशा में अब पीछे हटने का सवाल नहीं है।
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश की पहचान खराब सड़कों, बिजली की समस्या और दंगों जैसी घटनाओं से होती थी।
योगी ने कहा कि एक दौर में त्योहारों के दौरान लोगों के बीच दंगे और उपद्रव को लेकर चिंता रहती थी और कर्फ्यू के कारण स्कूल-कॉलेज और बाजार लंबे समय तक बंद रहते थे।
उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में रोजगार, रिसर्च, इनोवेशन और निवेश की उम्मीद करना मुश्किल था। उनके मुताबिक, बेहतर कानून-व्यवस्था निवेश का भरोसा बढ़ाने और स्टार्टअप के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की बुनियाद है।
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