चैथी पीढ़ी की मोबाइल सेवाओं यानी 4जी पर अनुमान और आंकड़े आने लगे हैं। माना जा रहा है कि अगले साल से कई ऑपरेटर इनकी पेशकश की होड़ में उतर जाएंगे। सलाहकार फर्म पीडब्ल्यूसी की मानें तो देश में दिसंबर, 2015 तक 4जी मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या एक से डेढ़ करोड़ हो जाएगी। अगले साल भारतीय दूरसंचार क्षेत्र के लिए अपने अनुमान जाहिर करते हुए पीडब्ल्यूसी इंडिया ने कहा कि प्रतिस्पर्धी मूल्य, बेहतर नेटवर्क अनुभव व सस्ते स्मार्टफोनों के चलते 4जी उपभोक्ताओं की संख्या में यह बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। पीडब्ल्यूसी लीडर (टेलीकॉम) अर्पिता पाल अग्रवाल ने कहा कि 2015 में 4जी भारत में भी मुख्यधारा में शामिल हो जाएगा। कई ऑपरेटर अधिक दक्ष 1800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम पर 4जी सेवाएं शुरू करेंगे। लोग अपनी मोबाइल डेटा की जरूरतों को पूरा करने के लिए खुशी-खुशी इसको अपनाएंगे।
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