मानव के मस्तिष्क में गति को मापने के लिए स्पीडोमीटर की तर्ज पर नर्व सेल्स (तंत्रिका कोशिकाएं) होते हैं। ये कोशिकाएं ही मस्तिष्क को गति संबंधी सूचनाएं मुहैया कराती हैं। जर्मनी के वैज्ञानिकों ने इन नर्व सेल्स का पता लगाने का दावा किया है। बॉन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर स्टीफन रेमी के नेतृत्व में किए शोध से स्पैटियल मेमोरी (सूचनाओं का रिकॉर्ड रखने के लिए जिम्मेदार) की कार्यशैली के बारे में भी पता लगा है। इसके जरिये पार्किंसन से जुड़ी गतिविधियों के लक्षणों को समझने में पहले की अपेक्षा आसानी होगी। इसको कई बार हिप्पोकैंपस (मस्तिष्क में स्मृति को नियंत्रित करने वाला हिस्सा) भी कहा जाता है जो गति संबंधी हरकत को समायोजित करता है। रेमी के मुताबिक हम जितनी तेजी से चलेंगे, उतनी ही तेजी से ये नर्व सेल्स भी सक्रिय होंगे। बढ़ी हुई सक्रियता दर मस्तिष्क को ज्यादा संवेदनशील बनाता है।
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