हाईस्पीड ब्राडबैंड मुहैया कराने के लिए प्रयास जारी
(India)


एक्सप्रेस-वे, हाईवे, सिक्स लेन। रफ्तार बढ़ाने की होड़ लगी है। इनसे गाड़ियों की रफ्तार बढ़ेगी, जबकि सूचनाओं की गति बढ़ाने को ब्राडबैंड हाईवे बनाए जा रहे हैं। देशभर में फाइबर ऑप्टिकल केबिल बिछाई जाएंगी। इनसे हाईस्पीड ब्राडबैंड मुहैया कराया जाएगा। केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क कार्यक्रम शुरू किया गया है। एक लाख करोड़ सालाना की इस योजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर तक ब्राडबैंड हाईवे का जाल बिछाना है। आगरा के हिन्दुस्तान कॉलेज में डिजिटल इंडिया पर हुई कार्यशाला में भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) के सचिव सुधीर गुप्ता ने योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनसंख्या के हिसाब से देश में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले अभी भी कम हैं। इनकी संख्या करीब 30 करोड़ है। लैंडलाइन की हालत और खराब है। देहात में तीन करोड़ यूजर हैं, जबकि शहरों में यह अनुपात 2.7 करोड़ ही रह गया है। शहरों की अपेक्षा ग्रामीण आबादी अधिक है। लिहाजा गांवों पर ही फोकस रखा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य तीन साल में 3000 किमी ऑप्टिकल फाइबर केबल को बिछाना है। ग्राम पंचायत स्तर तक ओएफसी बिछाई जाएगी। 2019 तक 2.50 लाख पंचायतों को हाईस्पीड ब्रांडबैंड सुविधा से लैस करना है। इस

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।