दिल की धड़कन करेगी एटीएम के पिन नंबर का काम!
(India)
आने वाले दिनों में आपके दिल की धड़कन एटीएम के पिन नंबर का काम करेगी। हालांकि, इस तकनीक को भारत आने में अभी समय लगेगा। लेकिन भारतीय बैंकों ने साइबर सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। रिजर्व बैंक ने 2 जून को संबंधित कमेटी को सुरक्षा नीति बनाने आदेश दिया है। नई तकनीकों को लाने में प्राइवेट बैंक भी पीछे नहीं हैं। एचडीएफसी और आईसीआईसीआई जैसे प्राइवेट बैंक भी पासवर्ड या पिन नंबर की जगह इसी तरह की तकनीक को लागू करने पर विचार कर रहे हैं। डीसीबी बैंक ने भी एटीएम में फिंगरप्रिंट स्कैनर की शुरुआत की है। हर इंसान के दिल की धड़कन अलग होती है। इस खासियत का फायदा उठाते हुए कनाडा की कंपनी नेयमी इस तकनीक पर शोध कर रही है। दिल की धड़कन का पता लगाने के लिए हर व्यक्ति को हाथ में एक बैंड पहनना होगा। बैंड की मदद से धड़कन का पता लगाया जा सकेगा। धड़कन की पहचान होते ही आप एटीएम मशीन से पैसे निकाल पाएंगे। दुनिया के कई बैंकों ने तेजी से पिन या पासवर्ड के स्थान पर नई तकनीकों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इसमें सिग्नेचर वेरिफिकेशन और बायोमेट्रिक तकनीक प्रमुख हैं।

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