भारत के लड़ाकू क्षमता वाले देशी ड्रोन रुस्तम-2 ने पहला सफल परीक्षण पूरा कर लिया है जिससे मानवरहित वायुयान के भारत के विकास कार्यक्रम को प्रोत्साहन मिला है. भारत के लड़ाकू क्षमता वाले देशी ड्रोन रुस्तम-2 ने पहला सफल परीक्षण पूरा कर लिया है जिससे मानवरहित वायुयान के भारत के विकास कार्यक्रम को प्रोत्साहन मिला है. डीआरडीओ ने तापस 201 जिसे रूस्तम के नाम से भी जाना जाता है ......का सफल परीक्षण किया जो मध्य उंचाई पर लंबी अवधि का मानवरहित विमान है . यह 24 घंटे तक उड़ान भर सकता है और देश के सशस्त्र बलों के लिए टोही मिशन का काम कर सकता है. इस मानवरहित यान को अमेरिका के प्रिडेटर ड्रोन की भांति मानवरहित लड़ाकू यान के रूप में उपयोग में लाया जा सकता है.
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