कार्यशाला में सरकारी प्रशिक्षण व्यवस्था को दक्षता-आधारित बनाने, प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और प्रशिक्षण संस्थानों के आधुनिकीकरण पर चर्चा होगी। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
कार्यशाला में उत्तर क्षेत्र के आठ राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुख और विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
इसमें बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के साथ चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
बैठक में प्रशिक्षण संस्थानों की मौजूदा क्षमताओं का आकलन कर उनके सुधार के लिए व्यावहारिक और समयबद्ध रोडमैप तैयार करने पर जोर रहेगा।
कार्यशाला में संस्थानों के नेतृत्व और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने, संसाधनों के साझा उपयोग और विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
इसके अलावा प्रशिक्षकों की दक्षता बढ़ाने और मास्टर ट्रेनर्स तैयार करने पर भी चर्चा होगी। इसका उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों और प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना है।
कार्यशाला में डिजिटल रूपांतरण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग को विशेष महत्व दिया जाएगा। प्रशिक्षण व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने और अधिकारियों के निरंतर व्यावसायिक विकास के लिए नए अवसर तैयार करने पर चर्चा होगी।
कार्यशाला में तैयार होने वाले सुधार संबंधी रोडमैप को **यूनिफाइड न्यू-एज नेशनल ट्रेनिंग इनिशिएटिव्स (उन्नति)** मंच से जोड़ने की योजना है। इस पोर्टल के माध्यम से देशभर के 700 से अधिक सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को एकीकृत डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
साधना श्रृंखला-2026 की इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को भविष्य की प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। डिजिटल तकनीक, AI और दक्षता-आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से सिविल सेवकों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए संस्थागत सुधारों पर मंथन किया जाएगा।
Digital Desk: Liza Chandel
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