लखनऊ में बाढ़ के बाद सफाई अभियान तेज, 60 पंपों से जलनिकासी और मच्छर नियंत्रण पर जोर
(Lucknow, Lucknow) लखनऊ के बाढ़ प्रभावित इलाकों में जनजीवन सामान्य बनाने के लिए नगर निगम ने जलनिकासी, सफाई और मच्छर नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है। फैजुल्लागंज समेत जोन-3 और जोन-6 के प्रभावित क्षेत्रों में **60 पंपों की मदद से पानी निकाला जा रहा है**, जबकि 12 मशीनों से नालों की सफाई और जमा सिल्ट हटाने का काम किया जा रहा है।

नगर आयुक्त गौरव कुमार ने गुरुवार को फैजुल्लागंज के लोहरामऊ और दाउदनगर का निरीक्षण कर राहत एवं सफाई कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव वाले स्थानों से जल्द पानी निकाला जाए और पानी उतरने के बाद जमा मिट्टी, कीचड़ तथा गंदगी हटाकर गलियों और रास्तों को आवागमन योग्य बनाया जाए।

नगर निगम के अनुसार, जोन-3 के फैजुल्लागंज क्षेत्र में 40 डीजल और 8 इलेक्ट्रिक पंप समेत कुल 48 पंप लगाए गए हैं। वहीं, जोन-6 में 12 डीजल पंपों से पानी निकाला जा रहा है।

इसके अतिरिक्त दोनों जोन में 12 टीएमएक्स डिसिल्टिंग मशीनों से नालों की सफाई और सिल्ट हटाने का काम जारी है। सेप्टिक टैंकों की सफाई, सड़कों और नालियों से गंदगी हटाने तथा जलनिकासी व्यवस्था सुचारु रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।

नगर आयुक्त ने प्रभावित परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

बाढ़ के बाद मच्छरों के प्रजनन पर नियंत्रण के लिए जोन-3 में तीन ड्रोन की मदद से करीब 67 एकड़ क्षेत्र में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया है। इसके अलावा पांच मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों और 15 बैटरी चालित एंटी लार्वा मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

फॉगिंग के लिए चार बड़ी और 10 छोटी मशीनें लगाई गई हैं। वहीं, छह टैंकरों से सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव कराया जा रहा है।

जोन-6 में सात बड़ी और 24 छोटी फॉगिंग मशीनों के जरिए मच्छर नियंत्रण अभियान चल रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर, चूना, मैलाथियान और एंटी लार्वा का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। नगर निगम के मुताबिक, करीब 22 किलोमीटर लंबी गलियों में फॉगिंग कराई गई है।

प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए 176 थ्री-व्हीलर वाहनों से घर-घर कूड़ा एकत्र किया जा रहा है। इसके साथ करीब 55 टाटा ऐस वाहन, आठ ट्रैक्टर और आठ मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें भी लगाई गई हैं।

नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि नालियों, सेप्टिक टैंकों और जलभराव वाले स्थानों की नियमित सफाई कराई जाए, ताकि बाढ़ का पानी उतरने के बाद सड़कों और गलियों को जल्द साफ किया जा सके।

नगर निगम की टीमें जलनिकासी, कूड़ा उठान, डीसिल्टिंग और मच्छर नियंत्रण के काम में जुटी हैं। प्रभावित परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

नागरिकों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले स्थानों पर कूड़ा न डालें, आसपास सफाई बनाए रखें और पीने के पानी की स्वच्छता संबंधी सावधानियां बरतें।

Digital Desk: Liza Chandel

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