वाराणसी में विंग्स ओवर गंगा एयर शो, राफेल-सुखोई के करतबों से गूंजा काशी का आसमान
(Varanasi, Varanasi) धर्म और अध्यात्म की नगरी वाराणसी में भारतीय वायुसेना के हवाई प्रदर्शन **‘विंग्स ओवर गंगा’** का आगाज हो गया है। गुरुवार को गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों की गर्जना और पायलटों के हैरतअंगेज करतबों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वाराणसी में पहली बार आयोजित हो रहे इस एयर शो को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग घाटों पर जुटे।

राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000 और तेजस समेत कई विमानों ने अपनी उड़ान क्षमता और हवाई कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम 22, 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित किया जा रहा है।

एयर शो में राफेल के प्रदर्शन ने दर्शकों का खास ध्यान खींचा। तेज गति से उड़ान, अचानक दिशा बदलने और अलग-अलग ऊंचाइयों पर हवाई करतबों के जरिए पायलटों ने विमान पर अपने सटीक नियंत्रण का प्रदर्शन किया।

सुखोई-30 एमकेआई और अन्य लड़ाकू विमानों ने भी आसमान में आकर्षक फॉर्मेशन बनाकर दर्शकों की तालियां बटोरीं। गंगा के ऊपर विमानों की गर्जना और उनके बीच सटीक तालमेल ने कार्यक्रम को खास बना दिया।

हवाई प्रदर्शन में लड़ाकू विमानों के साथ हेलीकॉप्टरों और परिवहन विमानों की क्षमताएं भी दिखाई गईं। चिनूक हेलीकॉप्टर से गंगा के ऊपर क्रूज पर जवानों के उतरने का प्रदर्शन प्रमुख आकर्षण रहा।

भारतीय वायुसेना के विशेष बल ‘गरुड़’ की भागीदारी ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। हेलीकॉप्टरों से जवानों के उतरने और कठिन परिस्थितियों में अभियान संचालित करने की क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, एयर शो में करीब 100 विमान शामिल हुए। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक ऐतिहासिक विमान शामिल हैं। विमानों ने देशभर के 12 वायुसेना अड्डों से उड़ान भरी, जिनमें अरक्कोणम का नौसैनिक अड्डा भी शामिल था।

प्रदर्शन में कुल 25 विमान फॉर्मेशन रखे गए। इसमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, एलसीए, मिग-29 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान शामिल रहे।

हेलीकॉप्टरों में एलसीएच, चिनूक, एएलएच मार्क-III, एएलएच मार्क-IV, अपाचे, चेतक, कामोव-31 और एमआई-17 वी5 ने भाग लिया। परिवहन एवं सहायक विमानों में सी-295, सी-17, सी-130, एईडब्ल्यूएंडसी, आईएल-78, एएन-32 और पी-8आई शामिल रहे। सूर्यकिरण और सारंग प्रदर्शन टीमों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

एयर शो के दौरान प्रचंड फॉर्मेशन के जरिए भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, तत्परता और सटीक प्रहार करने की दक्षता को प्रदर्शित किया गया। इस प्रस्तुति में आधुनिक सैन्य विमानों की क्षमताओं और विभिन्न इकाइयों के समन्वय को रेखांकित किया गया।

‘विंग्स ओवर गंगा’ का उद्देश्य आम लोगों और पर्यटकों को भारतीय वायुसेना की आधुनिक तकनीक, विमानों की क्षमताओं और जवानों के कौशल से रूबरू कराना है। 24 और 25 अक्टूबर को होने वाले अगले प्रदर्शनों में भी दर्शकों को गंगा के ऊपर हवाई करतब और आकर्षक विमान फॉर्मेशन देखने का अवसर मिलेगा।

काशी के ऐतिहासिक घाटों और गंगा की लहरों के ऊपर आयोजित यह एयर शो वाराणसी के लिए एक विशेष अनुभव बनकर सामने आया है।

Digital Desk: Liza Chandel

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