(India)
हरिकेश दुबे के साथ हुआ दर्दनाक हादसा इसका सबूत है। जिस तरह हरिकेश की जान गई वो किसी ताज्जुब से कम नहीं है। मामला उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का है। नीलांचल एक्सप्रेस रफ्तार से दिल्ली से कानपुर जा रही थी। इसमें हरिकेश दुबे भी सवार थे। बदकिस्मती से उन्हें वह सीट मिली थी जिसे पाकर लोग खुद को खुशकिस्मत समझते हैं। यानी कॉर्नर की सीट। उन्हें शायद नहीं पता था कि इस कॉर्नर की सीट पर उनका यह अंतिम सफर होगा। एक सरिया उछलकर ट्रेन का शीशा फोड़कर आई और हरिकेश दुबे के गर्दन के आर-पार हो गई।
Author: JAN TV Editorial Team
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