यह मामला CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा, जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच में लिस्टेड हुआ था। जनहित याचिका अश्विनी उपाध्याय ने दायर की थी। याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने कहा था कि आयोग का यह प्रावधान मनमाना है। क्योंकि उम्मीदवारों को दोनों सीटों से चुनाव जीतने की स्थिति में एक सीट छोड़नी पड़ती है। इससे सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ाता है। हालांकि सुनवाई के दौरान CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि जब आप दो सीटों से चुनाव लड़ते हैं तो आपको पता नहीं होता कि आप दोनों सीटों से चुने जाएंगे... इसमें गलत क्या है? यह राजनीतिक लोकतंत्र है।इस पर एडवोकेट एस गोपाल ने कहा कि हमने 2 महीने पहले बड़ी बेंच में यह तर्क दिया था लेकिन तब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। बेंच ने कहा कि किसी उम्मीदवार को एक से ज्यादा सीट पर चुनाव लड़ने की परमिशन देना लीगल पॉलिसी है। आखिर में यह संसद पर निर्भर होता है कि वो राजनीतिक लोकतंत्र को इस तरह का विकल्प देना चाहता है या नहीं।
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।