हिंडनबर्ग की इस रिपोर्ट से अडाणी ग्रुप के शेयर्स में आयी गिरावट को देखकर अडाणी ने जवाबी तौर पर शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च के किए गए दावों के खिलाफ लड़ने के लिए वॉल स्ट्रीट की बड़ी लॉ फर्मों में से एक 'वॉचटेल' को हायर किया है। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार यानी आज अडाणी ग्रुप के खिलाफ हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से जुड़ी दो जनहित याचिकाओं (PIL) पर सुनवाई के लिए जांच की मांग की गयी |
एडवोकेट एमएल शर्मा और विशाल तिवारी की दायर जनहित याचिकाओं में दावा किया गया है कि अमेरिका स्थित हिंडनबर्ग के फाउंडर नाथन एंडरसन भारतीय नियामक सेबी को अपने दावों का प्रमाण देने में विफल रहे और कहा की इन लोगों ने अडाणी के शेयरों को कृत्रिम तौर पर गिराने की साजिश की है। इसका मकसद निर्दोष निवेशकों का शोषण करना है और अब इस मामले की अच्छे से जांच होनी चाहिए |
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