संयुक्त किसान मोर्चा और पहलवानों के बीच 30 मई बैठक की गई,वहाँ बजरंग पुनिया ने पहलवानों का प्रतिनिधित्व किया.जो भी संयुक्त किसान मोर्चा फ़ैसला लेगा,पूनियाँ मानने को लेकर एग्री हुए.
ऐसे ख़त्म हुआ प्रदर्शन.
महिला पहलवानों ने सुरक्षा बेरिकेड्स तोड़ने के प्रयास किए,इस दौरान समस्या काफ़ी बढ़ गई.पहलवानों और पुलिसकर्मी के बीच धक्का-मुक्की होने लग गई,पुलिस ने उन्हें वैन में ठूंसना शुरू किया.उन्हें घसीटा गया.साथ ही साक्षी मलिक और पुनिया सहित प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया.उन्हें अलग अलग थानो में रखा गया,फिर कुछ समय बाद उन्हें छोड़ दिया था.
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