देश में वन नेशन वन इलेक्शन लागू कराने के लिए कमेटी बनाई गयी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इसके अध्यक्ष होंगे
(India) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवंबर 2020 में PM नरेंद्र मोदी ने 80वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए एक बार कही थी, कि पुरे देश में वन नेशन वन इलेक्शन' सिर्फ चर्चा का विषय नहीं बल्कि भारत की जरूरत है। हर महीने में कहीं न कहीं चुनाव हो रहे हैं। इससे भारत के विकास कार्यों पर प्रभाव पड़ता है। करीब 3 साल बाद 1 सितंबर 2023 को सरकार ने वन नेशन वन इलेक्शन पर एक कमेटी बनाई है। इसके अध्यक्ष पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद होंगे। खबर यह है कि 18 से 22 सितंबर के विशेष सत्र में इस पर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। भारत में फिलहाल राज्यों के विधानसभा और लोकसभा चुनाव अलग-अलग समय पर होते हैं, अगर वन नेशन वन इलेक्शन लागू होता है तो एक साथ ही लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव हो पाएंगे। यानी लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को चुनने के लिए एक ही दिन, एक ही समय पर या चरणबद्ध तरीके से अपना वोट डालेंगे।

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