(India)
कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच हो रही मुठभेड़ में शहीद हुए 36 वर्षीय मेजर आशीष धौंचक का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बिंझौल में किया गया. मेजर आशीष धौंचक के भाई विकास ने उनको मुखाग्नि दी. अंतिम संस्कार से पहले उन्हें सैन्य सम्मान के साथ गन सैल्यूट दिया गया. बता दे कि उनकी अंतिम यात्रा में एक किलोमीटर लंबे काफिले में लगभग 10 हजार लोग शामिल हुए थे और उन्होंने भावपूर्वक शहीद मेजर आशीष को अंतिम विदाई दी. सड़क के दोनों तरफ लोगों की भारी भीड़ ने फूल बरसाकर मेजर आशीष को विदा किया. अंतिम यात्रा के दौरान पूरे रास्ते शहीद मेजर आशीष की मां हाथ जोड़े रहीं और मेरा बेटा देश की शान के नारे लगाती रहीं. वहीँ उनकी बहन रास्तेभर अपने शहीद भाई को सैल्यूट करती रही.
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