पुराने संसद भवन को बनाने का फैसला विदेशी शासकों का था, लेकिन इसके निर्माण में पसीना, परिश्रम और पैसा हमारे देश के लोगों का लगा- PM मोदी
(India) केंद्र सरकार द्वारा बुलाए गए संसद के विशेष सत्र का आज पहला दिन है और यह सत्र आज 18 सितंबर से लेकर 22 सितंबर तक चलेगा. संसद के इस विशेष सत्र की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण से हुई. PM मोदी ने अपने स्पीच में कहा कि आजादी से पहले ये सदन इंपिरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल का स्थान था, आजादी के बाद इसे संसद भवन के रूप में पहचान मिली. भले ही इस संसद भवन को बनाने का फैसला विदेशी शासकों का था, लेकिन इसके निर्माण में पसीना, परिश्रम और पैसा हमारे देश के लोगों का लगा था. PM मोदी ने कहा कि हम नए संसद में जाएंगे, लेकिन पुराना भवन भी आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा. इतिहास की अहम घड़ी को स्मरण करते हुए आगे बढ़ने का ये अवसर है और हम सब, इस ऐतिहासिक भवन से विदा ले रहे हैं. पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज हर तरफ भारत के उपलब्धियों की चर्चा गौरव के साथ हो रही है और यह हमारे 75 सालों के सामुहिक प्रयास का ही फल है. G20 पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि G20 की सफलता किसी व्यक्ति या दल की सफलता नहीं है, ब्लकि 140 करोड़ लोगों की सफलता है. इस ऐतिहासिक भवन से विदा लेना भावुक पल हैं. इस संसद को छोड़ते वक्त हमारा मन भी बहुत से यादों से भरा है. ये हम सब की साझी विरासत है इसलिए इसका गौरव भी हम सब का साझा है. उन्होंने आगे कहा- मैं जब पहली बार सांसद बना तो संसद भवन को झुककर नमन किया था. वो पल मेरे लिए भावनाओं से भरे थे. मैं कल्पना नहीं कर सकता था. ये भारत की ताकत है कि रेलवे प्लेटफॉर्म पर गुजारा करने वाला एक गरीब बच्चा संसद तक पहुंच गया. मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि देश मुझे इतना सम्मान देगा.

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