215 सरकारी कर्मचारियों को दोषी पुलिस वन और राजस्व अधिकारियों ने 18 महिलाओं के साथ बलात्कार किया
(India) तमिलनाडु मद्रास हाई कोर्ट ने 31 साल पुराने मामले में 18 आदिवासी महिलाओं को न्याय देते हुए अपना फैसला सुनाया है |शुक्रवार को हाई कोर्ट ने 269 सरकारी अधिकारियों की सजा पर मुहर लगा दी | जिनमें 50 से ज्यादा आरोपी भी शामिल हैं जिनकी मौत हो चुकी है. जिसने चंदन तस्करों की तलाश में तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले के वकाथी आदिवासी गांव में छापा मारा था और बहाने से वहां रहने वाली महिलाओं के साथ बलात्कार किया था। इस मामले के तहत 17 आरोपियों को 18 महिलाओं से बलात्कार का दोषी ठहराया गया था, जिनमें से एक उस समय आठ महीने की गर्भवती थी और दूसरी 13 साल की नाबालिग थी | मुकदमे के दौरान 50 से ज्यादा आरोपियों की मौत भी हो चुकी है। बाकियों को 2011 में सत्र अदालत ने एक से 10 साल की कैद की सजा सुनाई थी। मद्रास उच्च न्यायालय ने सभी दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए बोला असली तस्करों को बचाने के लिए अधिकारियों द्वारा एक साजिश रची गई थी। एक बड़ा नाटक रचा गया, जिसमें निर्दोष आदिवासी महिलाओं को प्रभावित किया गया उनके द्वारा झेले गए दर्द और कठिनाइयों का मुआवजा पैसे और नौकरियों के रूप में दिया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति वेलमुरुगन ने अपराध के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहने वाले तमिलनाडु के तत्कालीन जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और जिला वन अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने बोला कि गवाहों के साक्ष्य से यह स्पष्ट था कि असली अपराधी कौन थे, लेकिन उन्होंने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और असली दोषियों को बचाने के लिए निर्दोष ग्रामीणों पर अत्याचार किया गया | सीबीआई जांच कर रही थी

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