महुआ के निष्कासन मुद्दे पर आज भी संसद में हंगामा हो सकता है, लोकसभा में विपक्ष एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट पढ़ने के लिए समय न देने का मुद्दा प्रमुखता से उठा सकते है | विपक्ष एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट को पढ़ने समय नहीं दिया गया था इसलिए लोकसभा में विपक्षीय दल इस मुद्दे को लेकर आवाज उठा सकते है | क्योंकि जब कोई भी प्रस्ताव पेश किया जाता है तो उसमे एक तियाई बहुत होना जरूरी माना जाता है | साथ ही साथ अगर विपक्षीय दल उस प्रस्ताव के लिए किसी भी प्रकार से एक्शन लेता है तो उस पर सदन विपक्षीय दल को उस प्रस्ताव को पढ़ने या फिर जांच करने के निर्देश दिए जाते है | यह सभी बातें सदन की मर्यादा के अनुकूल होती है | महुआ मोइत्रा की एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट को पढ़ने के लिए समय न देना कई न कई उसमे किसी प्रकार का असंकेत है इसलिए विपक्षीय दल आज सदन है अपनी बाते रखेगा |
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