कर्पूरी ठाकुर को 100 वी जयंती पर भारत रत्न से किया जाएगा सम्मानित
(India) कर्पूरी ठाकुर को उनकी 100 वी जयंती पर भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है, इसकी घोषणा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की इसके साथ ही PM मोदी ने भी कर्पूरी ठाकुर को अपने सोशल मीडिया पर याद करके श्रधांजलि अर्पित की , 24 जनवरी, 1924 को समस्तीपुर के पितौंझिया में कर्पूरी ठाकुर का जन्म हुआ था। कर्पूरी ठाकुर 6 साल के हुए, तो उनका दाखिला समस्तीपुर के ताजपुर मिडिल स्कूल में हुआ। 1933 में उन्होंने 5वीं की परीक्षा पास की। 11 साल की उम्र में उनकी शादी कर दी गई। छात्र जीवन से ही वे राजनीति में दिलचस्पी लेने लगे थे। वे AISF के अनुमंडलीय मंत्री थे। एक दिन समस्तीपुर के कृष्णा टॉकीज में सभा हुई। जिसमें कर्पूरी को भी बोलने का मौका मिला। उन्होंने कहा- हमारे देश की आबादी इतनी ज्यादा है कि केवल थूक फेक देने से अंग्रेजी राज बह जाएगा। इस भाषण के चलते उनके खिलाफ वारंट जारी हुआ। उन्हें एक दिन की जेल और 50 रुपए जुर्माना लगा। उन्होंने सजा कबूल की और आजादी के आंदोलन में कदम बढ़ा दिया। कर्पूरी ठाकुर ने एक प्रसिद्ध नारा दिया- कमाने वाला खाएगा, लूटने वाला जाएगा, नया जमाना आएगा, गांव-गांव में यह नारा गूंजने लगा। कर्पूरी ठाकुर OBC आरक्षण देने वाले पहले मुख्यमंत्री थे |

Author: Administrator

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।