धर्मांतरण विरोधी विधेयक पारित : अखिलेश यादव राज्य सरकार लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटकाना चाहती
(UTTARPRADESH, UTTARPRADESH) समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेेश यादव ने बुधवार को कहा कि योगी सरकार ने धर्मांतरण विरोधी कानून में संशोधन इसलिए किया है ताकि वे लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटका सकें। उत्तर प्रदेश विधानसभा ने मंगलवार को विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2021 में संशोधन के लिए विधेयक पारित कर दिया। कानून को और सख्त बनाते हुए अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है। पहले महिला को धोखा देकर उससे शादी करने और अवैध रूप से उसका धर्म परिवर्तन कराने के दोषी पाए जाने वालों के लिए अधिकतम सजा 10 साल और 50 हजार रुपये का जुर्माना था। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि वे सांप्रदायिक राजनीति के जरिए लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक, 2024 के संशोधित प्रावधानों के तहत अगर कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन कराने की नीयत से धमकी देता है, हमला करता है, शादी करता है या शादी का वादा करता है या इसके लिए साजिश रचता है और महिला, नाबालिग या किसी की भी तस्करी करता है तो उसका अपराध सबसे गंभीर श्रेणी में रखा जाएगा।

Author: JAN TV Editorial Team

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