इसके बाद कांग्रेस सांसदों ने शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत जैसे कुछ विपक्षी नेताओं के साथ संसद के मकर द्वार की सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अमेरिका द्वारा टैरिफ लगाए जाने के खिलाफ मार्च भी निकाला और मांग की कि सरकार इस मुद्दे पर संसद में जवाब दे। सांसदों ने मोदी सरकार और अमेरिकी सरकार के कदम के खिलाफ नारे लगाए। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ भारतीय अर्थव्यवस्था, विशेष रूप से ऑटो उद्योग, फार्मास्यूटिकल्स और कृषि जैसे क्षेत्रों को "पूरी तरह से तबाह" करने वाले हैं। अमेरिका ने भारत पर 27 प्रतिशत पारस्परिक टैरिफ की घोषणा की है, जिसमें कहा गया है कि नई दिल्ली अमेरिकी वस्तुओं पर उच्च आयात शुल्क लगाती है, क्योंकि डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन का लक्ष्य देश के व्यापार घाटे को कम करना और विनिर्माण को बढ़ावा देना है।
इस कदम से अमेरिका को भारत के निर्यात पर असर पड़ने की उम्मीद है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में बेहतर स्थिति में है, जिन्हें भी बढ़े हुए शुल्क का सामना करना पड़ रहा है।
अमेरिकी उत्पादों पर वैश्विक स्तर पर लगाए गए उच्च शुल्कों का मुकाबला करने के लिए एक ऐतिहासिक उपाय के रूप में राष्ट्रपति ट्रम्प ने लगभग 60 देशों पर पारस्परिक टैरिफ की घोषणा की।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।