परिवार से बिछड़ने का दर्द – कई महिलाओं की शादी भारत में हुई थी और उनके बच्चे भारतीय हैं। उन्हें जबरन पाकिस्तान भेजना परिवार को दो हिस्सों में बाँट देता है।
संवेदनशील कानूनी स्थिति – बहुत सी महिलाओं के पास कानूनी दस्तावेजों की कमी होती है जिससे उन्हें भारतीय नागरिकता नहीं मिलती, और उन्हें विदेशी घोषित किया जाता है।
मानवीय पहलू – कई महिलाएं बूढ़ी हैं, बीमार हैं या भारत में ही जन्मी थीं। उन्हें 'विदेशी' मानकर भेजा जाना मानवीय दृष्टि से सवाल खड़े करता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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