अन्य दो धामों - केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट क्रमश: 2 मई और 4 मई को खुलेंगे। चारों मंदिर सर्दियों के दौरान छह महीने तक बंद रहते हैं। राजस्थान के श्रद्धालु मक्खन पहलवान ने कहा, "श्रद्धालुओं में काफी उत्साह और खुशी का माहौल है। देश भर से लोग यहां आ रहे हैं। यात्रा यहीं से शुरू होगी और फिर गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ जाएगी।"
पांचवीं बार चार धाम यात्रा कर रहे श्रद्धालु गौरी शंकर ने कहा, "हमें यहां शांति मिलती है।" यात्रा के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था समेत सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस साल देश-विदेश से 22 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं।
मंदिर के कपाट सुबह 10:30 बजे खोले जाएंगे, जिसके बाद श्रद्धालु अगले छह महीने तक दर्शन कर सकेंगे।
देवी यमुना की पालकी आज अपने शीतकालीन प्रवास स्थल खुशीमठ से यमुनोत्री धाम के लिए रवाना होगी और मंदिर के कपाट सुबह 11:55 बजे श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे।
इस बार पूरे यात्रा क्षेत्र को 15 सुपर जोन में बांटा गया है, जिसमें 2,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। गढ़वाल रेंज में एक एकीकृत कमांड सेंटर भी स्थापित किया गया है। पिछले साल चार धाम यात्रा के लिए 48 लाख तीर्थयात्री आए थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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