यह बयान एक राजनीतिक रैली के दौरान आया, जहां ममता बनर्जी केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला बोल रही थीं। उन्होंने प्रधानमंत्री पर महिलाओं के निजी जीवन में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार अब परंपराओं और धार्मिक प्रतीकों को राजनीतिक एजेंडा बना रही है।
ममता के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। बीजेपी नेताओं ने इसे अपमानजनक बताया और कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि ममता ने यह टिप्पणी एक प्रतीकात्मक अंदाज़ में की है, जिससे सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया जा सके।
सोशल मीडिया पर भी यह बयान वायरल हो रहा है, जहां लोग इसे लेकर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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