14 मार्च को जस्टिस वर्मा के लुटियंस दिल्ली स्थित सरकारी बंगले में आग लगी थी, जहां दमकल कर्मियों ने 500-500 रुपए के अधजले नोटों से भरी बोरियां पाईं। इस पर धनखड़ ने कहा कि इतना कैश कहां से आया, इसकी जांच होनी चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का समर्थन करते हुए कहा कि जजों को सुरक्षा मिलनी चाहिए, लेकिन जब इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं, तो जवाबदेही भी जरूरी है। उन्होंने न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका के बीच शक्तियों के अलगाव पर भी जोर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई है और जस्टिस वर्मा को ज्यूडिशियल काम से रोक दिया गया है। जांच में जस्टिस वर्मा के कॉल डिटेल्स भी शामिल हैं।
धनखड़ ने कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच से ही न्यायपालिका की विश्वसनीयता बनी रह सकती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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