कोर्ट ने यह फैसला एक दिन बाद सुनाया, जब प्रज्वल रेवन्ना को दोषी ठहराया गया था। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसके साथ लंबे समय तक यौन शोषण किया गया, और उसे धमकाया व ब्लैकमेल भी किया गया।
यह मामला राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा में रहा, क्योंकि इसमें एक पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार के सदस्य का नाम जुड़ा था। कोर्ट ने फैसले में कहा कि किसी भी व्यक्ति का पद या प्रभाव उसे कानून से ऊपर नहीं बनाता।
सजा के ऐलान के बाद प्रज्वल रेवन्ना को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। पीड़िता ने अदालत के फैसले को न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।