इस मूर्ति का निर्माण 55 किलो डार्क और 15 किलो व्हाइट चॉकलेट के साथ किया गया है, यानी कुल 70 किलो चॉकलेट का उपयोग हुआ। यह न केवल एक प्रतिकात्मक कला है, बल्कि इसमें प्रधानमंत्री की प्रमुख योजनाएं जैसे उज्ज्वला योजना, जन-धन योजना, ऑपरेशन सिंदूर, डिजिटल इंडिया और स्वच्छ भारत मिशन जैसे प्रतीकों को शामिल कर राष्ट्रीय उपलब्धियों का प्रतीकात्मक चित्रण भी किया गया है।
यह चॉकलेट मूर्ति बनाने में छात्रों ने सात दिनों तक निरंतर मेहनत की। छात्र रंजन कुमार परिदा ने कहा कि इस रचना में शामिल होकर उन्हें धैर्य, सहयोग और नवाचार की शक्ति का अनुभव हुआ, और यह उनके लिए गर्व का क्षण है। वहीं छात्रा सुनयना महापात्रा ने कहा कि चॉकलेट सिर्फ स्वाद का माध्यम नहीं, बल्कि भावनाओं और सम्मान की अभिव्यक्ति भी हो सकता है। उन्होंने इसे एक कृतज्ञता का संदेश बताया।
शेफ राकेश साहू ने एक इंटरव्यू में बताया कि यह मूर्ति प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्मदिन (17 सितंबर) से पहले एक उपहार के रूप में भेजी जानी है। उनका मानना है कि इस तरह के रचनात्मक उपहार के माध्यम से वे उनके प्रति अपनी भावनाएं प्रकट करना चाहते हैं और आशा करते हैं कि इस प्रयास को 'मन की बात' कार्यक्रम में भी सराहा जाएगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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