प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिलाएं और बच्चे चीखते रहे लेकिन शोर में उनकी आवाजें दब गईं। कई लोग रेलिंग और दीवारों के बीच फंस गए, जिससे दम घुटने से मौतें हुईं। घटना में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दर्जनों घायल अस्पताल में भर्ती हैं।
स्थानीय प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट के अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। घायलों को पास के एसवीआरआर अस्पताल ले जाया गया है। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा इंतज़ामों की कमी और भीड़ नियंत्रण में गंभीर चूक सामने आई है।
सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है और कहा है कि “श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है — क्या धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन अब भी हमारे नियंत्रण से बाहर है?
Author: JAN TV Editorial Team
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