TMC के सांसदों ने भी इस मुद्दे पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि SIR वास्तव में मतदाता सूचियों से नाम हटाने का टूल बन सकता है। उनका कहना है कि चुनाव आयोग नागरिकता तय नहीं कर सकता, इसलिए इस तरह की व्यवस्था लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाएगी।
विपक्ष ने सरकार से इस पूरे प्रस्ताव पर स्पष्टता मांगी है, जबकि सरकार का कहना है कि SIR सिर्फ पहचान की सुरक्षा बढ़ाने के लिए है और इसका किसी भी तरह से NRC से संबंध नहीं है।
Author: JAN TV Editorial Team
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