इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी भी नीतीश कुमार के समर्थन में सामने आए। उन्होंने कहा कि यह कोई विवाद का विषय था ही नहीं, लेकिन इसे जानबूझकर बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, मांझी का बयान उस वक्त विवादों में घिर गया, जब उन्होंने निजी अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि किसी महिला से चेहरा ढंकने या ठीक से रखने को कहना गलत नहीं है, खासकर जब ऐसा कहने वाला 74 साल का व्यक्ति हो।
मांझी के बयान में इस्तेमाल किए गए कुछ शब्दों को लेकर विपक्ष ने तीखी आपत्ति जताई है और इसे आपत्तिजनक करार दिया है। वहीं, यह विवाद बिहार से निकलकर झारखंड तक पहुंच गया है, जहां स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के एक बयान पर सियासी घमासान छिड़ गया। कुल मिलाकर, हिजाब प्रकरण अब प्रशासनिक मसले से आगे बढ़कर राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।