सीमा का यह हिस्सा इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि कई जगह अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा घरों, गलियों, खेतों और तालाबों के बीच से गुजरती है। कहीं एक ही मकान का एक कमरा भारत में है तो दूसरा बांग्लादेश में, तो कहीं महज दो-तीन फुट चौड़ी गली के बीच से सीमा रेखा खिंची हुई है। ऐसे इलाकों में आम जनजीवन दोनों देशों में बंटा हुआ नजर आता है, जिससे घुसपैठ और तस्करी की आशंका बनी रहती है।
बांग्लादेश में हालिया हिंसा, राजनीतिक अफवाहों और दोनों देशों के बीच वीजा सेवाओं के निलंबन के बाद बीएसएफ को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सीमा सुरक्षा बल ने उन इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है, जहां आबादी घनी है और सीमा स्पष्ट रूप से चिन्हित नहीं है। स्थानीय ग्रामीणों की मदद, खुफिया नेटवर्क और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के साथ समन्वय के जरिए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की घुसपैठ या अवैध गतिविधि को रोका जा सके।
Author: JAN TV Editorial Team
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