ईडी की जांच के अनुसार, मेसर्स विनायक लॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स विनायक लॉजिस्टिक्स और उनके मालिक व निदेशक प्रवेश काबरा ने लंबे समय तक संगमरमर पाउडर, अपशिष्ट संगमरमर पाउडर और डोलोमाइट जैसी अधिक भाड़े वाली सामग्रियों को फिटकरी पाउडर और पुट्टी जैसे कम भाड़े वाले माल के रूप में घोषित किया। इस फर्जीवाड़े का मकसद माल ढुलाई शुल्क और जीएसटी देनदारी को गैरकानूनी रूप से कम करना था। मामला सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर और चार्जशीट के बाद ईडी जांच के दायरे में आया।
धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए ईडी ने 2.67 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इनमें गुरुग्राम स्थित एक चार मंजिला व्यावसायिक इमारत और एक अन्य कमर्शियल प्रॉपर्टी शामिल है। जांच में यह भी सामने आया कि अवैध कमाई को आरोपी के निजी बैंक खातों के जरिए संपत्तियों की खरीद और निजी खर्चों में इस्तेमाल किया गया। ईडी ने स्पष्ट किया है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संपत्तियों की पहचान के लिए जांच आगे भी जारी रहेगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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