दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे टीएमसी सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया। इनमें डेरेक ओ’ब्रायन, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद शामिल थे। सांसदों ने नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। कुछ समय बाद सभी को संसद स्ट्रीट थाने से रिहा कर दिया गया। टीएमसी नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध के बावजूद उन्हें रोका गया, जबकि एजेंसियों की कार्रवाई पर कोई पारदर्शिता नहीं है।
इधर, I-PAC पर ED रेड से जुड़े मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई भारी भीड़ और हंगामे के कारण टाल दी गई। टीएमसी ने अदालत में याचिका दाखिल कर दावा किया है कि छापेमारी के दौरान गोपनीय राजनीतिक डेटा और दस्तावेजों को अवैध रूप से जब्त किया गया। भाजपा ने पलटवार करते हुए ममता बनर्जी पर जांच एजेंसियों के काम में हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने कहा कि कानून सर्वोपरि है और अंतिम फैसला अदालत के आदेश के बाद ही होगा।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।