यह मामला 2019 का है, जब भाजपा नेता और रामपुर नगर विधायक आकाश सक्सेना ने कोतवाली सिविल लाइंस में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम खान ने अलग-अलग जन्मतिथि के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए। जांच में आजम खान की भूमिका सामने आने के बाद उन्हें भी इस मामले में आरोपी बनाया गया।
लंबी सुनवाई के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट ने नवंबर 2025 में दोनों को दोषी करार दिया था और सजा सुनाई थी। इसके बाद दोनों ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की, जिसे अब कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
सरकारी पक्ष ने दलील दी कि निचली अदालत द्वारा दी गई सजा सही है और इसे बरकरार रखा जाना चाहिए। कोर्ट ने दोनों की अपील को खारिज करते हुए निचली अदालत के फैसले को कायम रखा।
इस फैसले के बाद आजम खान और उनके बेटे की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। दोनों पहले से ही इस मामले में जेल में बंद हैं और अब सेशन कोर्ट के निर्णय के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।
यह मामला लंबे समय से रामपुर की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है, जिसमें फर्जी दस्तावेज, चुनावी विवाद और कानूनी लड़ाई शामिल रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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